जयपुर। राजस्थान में संस्कृत शिक्षा विभाग के 15,382 स्वीकृत पदों में से 7,061 पद खाली हैं। इनमें 6,200 से अधिक पद शिक्षकों के हैं। गणित विषय में सबसे अधिक कमी है। उच्च कक्षाओं के लिए गणित-विज्ञान श्रेणी के 1,077 पदों में से 1,064 पद खाली हैं। अलग से गणित के 1,545 पदों में 1,275 पद रिक्त हैं। बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर और बीकानेर जिलों में गणित के 90 से 100 प्रतिशत पद खाली हैं। सिरोही, पाली, नागौर और चित्तौड़गढ़ में 75 से 90 प्रतिशत तक पद रिक्त हैं। जयपुर, सीकर और झुंझुनूं में भी आधे से अधिक पद खाली हैं। वर्ष 2026 की प्रवेशिका परीक्षा में 7,570 में से 6,594 विद्यार्थी पास हुए। पास प्रतिशत 87.11 रहा। छात्राओं का पास प्रतिशत 88.33 और छात्रों का 85.77 रहा। 2022 में पास प्रतिशत 65.61 था, जो बढ़कर 87.11 हो गया है। वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षा में पास प्रतिशत 97.60 दर्ज किया गया।

बाड़मेर में गणित के लगभग सभी पद खाली होने के बावजूद पास प्रतिशत 99 के करीब रहा। टोंक और हनुमानगढ़ में भी 98 प्रतिशत से अधिक परिणाम दर्ज हुए। कोटा में पास प्रतिशत 56.47 और प्रतापगढ़ में 61.36 रहा। सामाजिक विज्ञान के 73 प्रतिशत से अधिक पद, अंग्रेजी के करीब 40 प्रतिशत और संस्कृत के 1,600 से अधिक पद खाली हैं। 2,100 से अधिक पद अनिर्दिष्ट श्रेणी में हैं, जिनमें करीब 74 प्रतिशत रिक्ति है। विभाग के अनुसार 573 पद समानीकरण के जरिए भरे गए हैं। करीब 2,500 नए तृतीय श्रेणी शिक्षक पदों के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकांश स्कूल वर्तमान में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं।
 
जिलेवार गणित शिक्षक पदों की स्थिति :

90-100% पद खाली 
-बाड़मेर
-जैसलमेर
-जालोर
-बीकानेर

75-90% पद खाली 
-सिरोही
-पाली
-नागौर
-चित्तौड़गढ़

50% से अधिक पद खाली 
-जयपुर
-सीकर
-झुंझुनूं