वन विभाग अलर्ट, टाइगर की मौजूदगी से गांवों में बढ़ी चिंता
भोपाल: राजधानी की बैरसिया रोड पर इन दिनों खौफ का साया मंडरा रहा है, क्योंकि इस शांत क्षेत्र में बाघ की सक्रियता ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख करने वाले इस हिंसक वन्यजीव के कारण शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है और लोग खुद को घरों में कैद करने पर मजबूर हैं। विशेष रूप से खेतों के समीप रहने वाले परिवारों में गहरी चिंता देखी जा रही है, क्योंकि बाघ के बार-बार दिखने से जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है।
मवेशियों के शिकार से ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
पिछले करीब दस दिनों के भीतर बाघ ने पांच पालतू पशुओं को अपना निवाला बनाया है, जिससे किसानों और पशुपालकों में भारी रोष और भय व्याप्त है। पहले यह माना जा रहा था कि बाघ जंगल की ओर लौट जाएगा, लेकिन रिहायशी इलाकों के इतने करीब लगातार हो रहे हमलों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। बीती रात भी एक गाय के शिकार की घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों ने अपने सुरक्षित रास्तों का चयन करना शुरू कर दिया है और कई लोग बाघ से बचने के लिए लंबा चक्कर काटकर अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं।
प्राकृतिक रास्तों के जरिए रिहायशी इलाकों में पैठ
वन विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार, बाघ हलाली नदी के किनारे और पहाड़ी पगडंडियों का सहारा लेकर गांवों तक पहुंच रहा है। नदी के आसपास का घना वन क्षेत्र उसे छिपने और आबादी तक पहुंचने के लिए सुरक्षित गलियारा प्रदान करता है, जिसकी वजह से वह बार-बार कनेरा और मुगालिया कोट जैसे सात प्रमुख गांवों के करीब देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने न केवल बाघ के पदचिह्न देखे हैं, बल्कि रात के सन्नाटे में उसकी दहाड़ भी स्पष्ट सुनी है, जो इस बात की पुष्टि करती है कि वन्यजीव अब इंसानी बस्तियों के बेहद करीब आ चुका है।
वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा के प्रयास
बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और संदिग्ध रास्तों पर कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि भीषण गर्मी के कारण पानी और शिकार की तलाश में वन्यजीव अक्सर जंगल की सीमाएं लांघकर बाहर आ जाते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्षेत्र में एक ही बाघ सक्रिय है या उनकी संख्या अधिक है, लेकिन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके।
सुरक्षा को लेकर जारी किया गया आधिकारिक अलर्ट
प्रशासन और वन विभाग ने सामूहिक रूप से एडवाइजरी जारी कर ग्रामीणों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सूर्यास्त के बाद अकेले घर से बाहर न निकलें और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें नदी या खेतों की ओर न जाने दें। साथ ही, पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित और बंद स्थानों पर बांधने के लिए कहा गया है ताकि उन्हें बाघ के हमले से बचाया जा सके, जब तक कि विभाग बाघ को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने में सफल नहीं हो जाता।


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