पांच दिन तक चला सर्च ऑपरेशन, आखिर नदी से मिला युवक का शव
सारण। माँझी नगर पंचायत के दुर्गापुर घाट पर सरयू नदी की लहरों में समाए युवक का पार्थिव शरीर पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार की सुबह बरामद कर लिया गया। छपरा शहर के निकट जान टोला घाट के पास शव मिलने की खबर जैसे ही फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान माँझी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई है, जिसकी सूचना मिलते ही बदहवास परिजन मौके पर पहुँचे और अपनों को खोने के गम में पूरे गाँव का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
स्नान के समय हुआ हृदयविदारक हादसा
यह दुखद घटना बीते मंगलवार की है जब रौशन कुमार रोज की तरह दुर्गापुर घाट पर स्नान करने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाने के दौरान वह अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी की चपेट में आ गया और सरयू नदी के तेज बहाव में बहने लगा। तट पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए और शोर मचाया, किंतु देखते ही देखते वह गहरे पानी की गहराइयों में ओझल हो गया। इस हादसे के बाद से ही स्थानीय स्तर पर उसकी तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा था।
गोताखोरों द्वारा शव की खोज और बरामदगी
दुर्घटना के बाद से ही स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों का दल दिन-रात नदी की खाक छान रहा था ताकि युवक का पता लगाया जा सके। पांच दिनों के कठिन परिश्रम के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे गोताखोरों ने सरयू नदी में तैरते हुए शव को देखा और उसे बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। शव मिलने की आधिकारिक पुष्टि होते ही पुलिस और प्रशासन को अवगत कराया गया और कानूनी प्रक्रिया के बीच परिजनों ने अपने लाडले का अंतिम दीदार किया।
गाँव में पसरा सन्नाटा और परिजनों का विलाप
रौशन का शव गाँव पहुँचते ही चीख-पुकार मच गई और परिजनों के विलाप से वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। परिवार के सदस्य जो पिछले पांच दिनों से किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे थे, इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि युवक अपने व्यवहार से सबका प्रिय था और उसकी इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है, जिससे हर घर में मातम छाया हुआ है।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता
इस संकट की घड़ी में स्थानीय लोगों और प्रशासन ने आपसी सहयोग का परिचय दिया और तलाशी अभियान में निरंतर जुटे रहे। हालांकि युवक की जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन गोताखोरों की तत्परता के कारण शव को बरामद कर परिजनों को सौंपा जा सका। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नदी के घाटों पर सावधानी बरतने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।


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