चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। विधानसभा की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायकों ने वोट चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाते हुए जबरदस्त हंगामा किया। 

इस बीच नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के बीच हल्की नोक झोंक हुई। 

हुड्डा सदन में खड़े होकर पूछने लगे कि जो राज्यसभा चुनाव में प्रकरण हुआ वह लोकतंत्र की एक तरीके से हत्या हुई है और लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है। इस बात पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंद कल्याण ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह मुद्दा सदन का नहीं है चुनाव की बातें या चुनाव को लेकर झगड़ा है तो बाहर खूब चर्चा करो लेकिन यह सदन का मामला नहीं है। इस पर हुड्डा नाराज हो गए और कहा कि क्या जब भी मैं आपसे बात करता हूं तो आप इधर-उधर देखने लगते हैं, यह आपकी गंभीरता बताती है और आपकी सरकार के मंत्री जब हमारे सदस्य सवाल उठा रहे थे तो उंगलियां उठा-उठाकर डांस कर रहे थे। हुड्डा की इस बात से मंत्री कृष्ण बेदी नाराज हो गए और उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। वीडियो निकलवा कर देख लें, अगर मैं डांस कर रहा हूं तो मैं सदन से माफी मांगने के लिए तैयार हूं और अगर ऐसा नहीं है तो क्या हुड्डा माफी मांगेंगे। इस बीच कांग्रेसी विधायक स्पीकर की कुर्सी के सामने आ गए और हंगामा करने लगे।

 विधायकों ने हाथ में शर्म करो शर्म करो के स्टीकर लगे कागज लेकर नारेबाजी की। 

जिसके बाद स्पीकर ने करीब 15 मिनट के लिए सदन  स्थगित कर दिया। इससे पहले बेरी के विधायक और कांग्रेस नेता डॉ. रघुवीर सिंह कादयान ने क्रॉस वोटिंग के मामले पर कहा कि जब सदन में भाजपा और कांग्रेस के 40-40 फीसदी सदस्य थे तो तीसरे प्रत्याशी को उतारने की जरूरत क्या पड़ी। हुड्डा समर्थन में खड़े हो गए और कांग्रेसी विधायक भी शोर करने लगे।

देवीलाल के चश्मे से देखो काली भेड़ 

इनेलो के विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि मैं सदन में चौधरी देवीलाल का चश्मा लेकर आया हूं। हुड्डा साहब इस चश्मे को पहन कर देखें कि वह काली भीड़ कौन थी। उन्होंने कहा कि कल रात जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं हुआ और लोकतंत्र की हत्या हुई है। लंच के बाद सदन में नारेबाजी करने पर कांग्रेस के 8 विधायकों को नेम किया गया है। इनमें बलराम दांगी, शकुंतला खटक, जस्सी पेड़वाढ, बलवान सिंह दौलतपुरिया, विकास सहारन, इंदुराज नरवाल, देवेंद्र हंस और मनदीप चड्ढा शामिल हैं। सभी कांग्रेस विधायक बायकॉट करके सदन के बाहर चले गए हैं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस के 9 विधायकों का अपनी लीडरशिप से विश्वास उठ गया है, ये अपने गिरेबान में झांकने के बजाय कभी भाजपा तो कभी आरओ पर सवाल उठा रहे हैं। इनके 9 विधायकों ने कहा कि वो नेता प्रतिपक्ष, प्रभारी को अपना नेता नहीं मानते हैं, वो राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते हैं। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि इनके विधायकों के खरीद फरोख्त की बात की है, बताए हमने किसकी खरीद फरोख्त कर लिया है।

सीएम ने कांग्रेस पर साधा निशाना 

बताैर वित्तमंत्री सीएम नायब सैनी ने बजट पर जवाब दिया। सैनी ने पहले कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कुफरी में कांग्रेस के पसीने छूट गए। वरिष्ठ नेताओं को मालूम ही नहीं, ना वोट चोरी होती है ना ईवीएम में मोरी होती है। लोकतंत्र में यही तो खूबी होती है, जगा देता है अंतरात्मा। सीएम ने कहा कि कभी कहते हैं कि हम नशे में चूर है कभी कहते हैं कि हम डांस करते है। खुद मुद्दों की बात से कोसों दूर होते है और झूठ और इल्जाम लगाते हैं। लोकसभा में राहुल गांधी भाग रहे और यहां हुड्डा भाग रहे हैं- सिर्फ भागमभाग हो रही है। सीएम ने कहा कि हमने आजाद उम्मीदवार को समर्थन दिया। उन्हें कहा कि हम आपके साथ है और निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दिया। अपना घर ठीक नहीं, दूसरों पर उंगली उठाते हैं। अपना घर शीशे का है और दूसरों पर पत्थर उछालते रहते है। ये भागते रहते हैं और 2029 में भी भाग निकलेंगे। हालांकि सदन में कोई कांग्रेसी फिलहाल माैजूद नहीं है। सैनी ने कहा कि विधायक रघुवीर कादयान, शैली चौधरी ने एसवाईएल का मुद्दा उठाया और कहा कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार बजट में एसवाईएल की बात नहीं की गई। मैं कहना चाहता हूं कि बजट में एसवाईएल नहर के निर्माण में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। उन्होंने बजट को ठीक से सुना नहीं था। मैंने इनके समय में भी बजट देखा था। कांग्रेस की सरकार के सभी बजट के भाषणों को खंगाला तो सिर्फ एक बार एसवाईएल पर बजट की बात की गई थी। कांग्रेस ने एसवाईएल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये का बजट रखा था, जो 2025-06 में किया गया था। इसके बाद एक रुपये का प्रावधान नहीं किया गया था। सीएम ने बताया कि बजट में 15 बार नौकरी और रोजगार शब्द का प्रयोग किया गया है, जबकि कांग्रेस के विधायक बीबी बतरा ने कहा कि बजट में रोजगार शब्द का इस्तेमाल तक नहीं है। सीएम ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस के आशीर्वाद से सरकार है, वहां पर बेरोजगारी दर 7 फीसदी है। हिमाचल में भी यह 7 फीसदी है लेकिन हरियाणा में दर 4 फीसदी है।