बम धमकी के बाद स्कूल खाली कराए गए, जांच अभियान में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
लुधियाना। पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में सोमवार सुबह उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब चार नामचीन निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी मिली। स्कूल प्रशासनों को जैसे ही यह धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए, पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस गंभीर इनपुट के मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हाई अलर्ट पर आ गईं और आनन-फानन में भारी पुलिस बल मौके के लिए रवाना किया गया।
चार शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी से मचा हड़कंप
शरारती तत्वों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए शहर के चार प्रमुख निजी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। इस संवेदनशील सूचना के मिलते ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की विशेष टीमें तुरंत सभी चिन्हित स्कूलों में दाखिल हुईं। किसी भी संभावित खतरे और अप्रिय स्थिति से बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए एहतियात के तौर पर स्कूलों में तुरंत छुट्टी की घोषणा कर दी गई और सभी सहमे हुए बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ सुरक्षित घरों की ओर रवाना किया गया।
डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने खंगाला चप्पा-चप्पा
मासूम बच्चों के सुरक्षित बाहर निकलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे स्कूल परिसरों को अपने नियंत्रण में ले लिया। बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्तों की मदद से स्कूलों की मुख्य इमारतों, क्लासरूम, खेल के मैदानों और प्रशासनिक कार्यालयों के साथ-साथ आसपास के पूरे रास्तों की बेहद बारीकी से सघन तलाशी ली गई। हालांकि शुरुआती जांच और घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद परिसरों के भीतर से कोई भी संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु बरामद नहीं हुई है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
पंजाब में लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान पंजाब के अलग-अलग जिलों में शैक्षणिक संस्थानों, न्यायिक परिसरों और महत्वपूर्ण सरकारी व निजी प्रतिष्ठानों को लगातार ऐसे धमकी भरे ई-मेल मिल रहे हैं। भले ही अब तक की जांच में अधिकतर मामले महज अफवाह या डराने के मकसद से की गई शरारत साबित हुए हैं, लेकिन राज्य की सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती सूबे की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एक कॉल और मेल को बेहद गंभीरता से ले रही हैं और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत किया जा रहा है।
साइबर विशेषज्ञों की मदद से ई-मेल के मूल स्रोत की तलाश जारी
इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले असली चेहरों को बेनकाब करने के लिए पुलिस की साइबर सेल को काम पर लगा दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ ई-मेल के इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस और उसके मूल स्रोत को खंगालने में जुटे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह मेल देश से भेजा गया है या इसके पीछे कोई विदेशी कनेक्शन है। पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें और पैनिक होने के बजाय केवल आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा रखें।


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