सुरक्षा के लिए राजस्थान तैयार
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इन सब के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को 7 में यानी कि बुधवार को मॉक ड्रिल के आयोजन संबंधित निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत इमरजेंसी और युद्ध के दौरान होने वाली विपरीत परिस्थितियों का जायजा लिया जाएगा और लोगों को इससे बचने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। श्री मंत्रालय के निर्देश के बाद लगभग सभी राज्यों और शहरों में मॉक ड्रिल की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। राजस्थान के शहर जोधपुर में मॉक ड्रिल को लेकर जो अपडेट मिली है उसके अनुसार तैयारी पूरी हो चुकी है और कहा गया है कि इसे सफल बनाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। राजस्थान में इस मॉक ड्रिल को लेकर जवावों के साथ आम नागरिकों का भी जोश हाई है। सीमावर्ती इलाके के लोगों ने भी देश की सेना पर पूरा भरोसा जताया है और कहा है कि हमें अपने देश के जवानों पर पूरा भरोसा है।
जोधपुर में लगाए गए हैं 18 सायरन
मॉक ड्रिल की दिशा निर्देश अनुसार शहर में 18 सायरन लगाए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जोधपुर सिविल डिफेंस के के अधिकारी ने बताया कि हमारे पास 400 वॉलिंटियर्स हैं जो कल इसमें अपनी भागीदारी दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को यह दिखाया समझाया जाए साथ में इस बात की तैयारी की जाए कि आपदा के समय में हमारे वॉलिंटियर्स कैसे लोगों को बचाएंगे और बिना संसाधन के लोगों को रेस्क्यू करने में सफल होंगे। उन्होंने बताया कि एक जगह से दूसरी जगह तक इन शेयरों को ले जाने के लिए भी गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि हम ज्यादा से ज्यादा इलाकों को कवर कर सकें।
सायरन बजाने का यह है मतलब
जोधपुर के कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने सायरन बजाने के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसका सीधा सा अर्थ है कि आपको अलर्ट मोड में आ जाना है। उन्होंने बताया कि सायरन बजाने की दो तरह की आवाज में आपको सुनाई देती हैं जिसमें से एक रुक रुक कर सायरन जब बसता है तो उसका अर्थ होता है कि खतरा आसपास है। वहीं अगर आपको रेगुलर सायरन सुनाई दे रहा है तो इसका मतलब है कि


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