सीमावर्ती इलाके में पुलिस की किरकिरी, एडिशनल एसएचओ हेरोइन समेत गिरफ्तार
तरनतारन। भारत-पाकिस्तान सीमा के समीपवर्ती इलाके में कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का काला चेहरा सामने आया है। नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खुद खाकी वर्दीधारी ही अवैध धंधे में संलिप्त पाया गया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
एडिशनल एसएचओ महिला सहयोगी के साथ भारी मात्रा में मादक पदार्थ सहित गिरफ्तार
सीमावर्ती क्षेत्र के खालड़ा थाने में अतिरिक्त थाना प्रभारी (एडिशनल एसएचओ) के रूप में तैनात सब इंस्पेक्टर साहिब सिंह को पुलिस ने उसकी एक महिला साथी के साथ रंगे हाथों दबोच लिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान दोनों के पास से करीब 300 ग्राम हेरोइन, एक लाख सत्ताइस हजार रुपये की संदिग्ध ड्रग मनी और एक चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से दोनों को हिरासत में लेकर अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है।
स्थानीय लोगों की गुप्त शिकायतों के बाद तैयार किया गया था पुलिस का जाल
पकड़ा गया आरोपी अधिकारी मूल रूप से मज्जूपुर गांव का निवासी है और पिछले करीब साढ़े तीन साल से इसी सीमावर्ती इलाके में अपनी सेवाएं दे रहा था। पिछले काफी समय से स्थानीय नागरिकों द्वारा उच्चाधिकारियों को यह शिकायतें मिल रही थीं कि उक्त अधिकारी के संबंध इलाके के बड़े नशा सौदागरों के साथ हैं। जब यह पुख्ता जानकारी मिली कि वह झब्बाल क्षेत्र की एक कोठी से माड़ी उधोके गांव की रहने वाली किंदर कौर नामक महिला के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को चला रहा है, तब डीएसपी के नेतृत्व में बाबा जल्लन कॉलोनी के पास घेराबंदी करके इस धरपकड़ को अंजाम दिया गया।
मामला दर्ज कर कोर्ट में किया पेश और आरोपी सब इंस्पेक्टर तत्काल निलंबित
इस गंभीर मामले को लेकर झब्बाल पुलिस थाने में एनडीपीएस कानून की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद दोनों आरोपियों को जिला अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए हैं। वहीं दूसरी ओर, इस घिनौने कृत्य और अनुशासनहीनता को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दागी सब इंस्पेक्टर साहिब सिंह को नौकरी से सस्पेंड कर दिया है।
बॉर्डर बेल्ट के नशा तस्करी नेटवर्क और बड़े सुराग खंगालने में जुटी एजेंसियां
जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि सीमा से सटे खालड़ा और खेमकरण जैसे संवेदनशील थानों में इतने लंबे समय तक तैनाती के दौरान इस अधिकारी के तार किन-किन अंतरराष्ट्रीय या स्थानीय तस्करों से जुड़े थे। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान होने वाली कड़ी पूछताछ में सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों की सप्लाई और इस रैकेट में शामिल अन्य सफेदपोशों या मददगारों के नामों का बड़ा खुलासा हो सकता है।


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