करनाल:हरियाणा के करनाल जिले में दो व्यक्तियों की हत्या की खौफनाक साजिश को अंजाम देने पहुंचे दो अलग-अलग अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के पांच खतरनाक बदमाशों को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय ने पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए सभी को रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। दिल्ली निवासी आरोपी अशफाक को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है, जबकि बाकी चार अन्य आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर भेजा गया है। एसटीएफ की टीम अब रिमांड अवधि के दौरान इन बदमाशों से गहन पूछताछ करेगी ताकि इस बात का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सके कि वे किस गैंगस्टर के निर्देश पर करनाल में किन दो लोगों की हत्या करने के मकसद से आए थे।

उचाना के समीप घेराबंदी कर थार सवार पांचों बदमाशों को दबोचा गया

स्पेशल टास्क फोर्स के प्रभारी दीपेंद्र राणा ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को पुलिस को इन शातिर अपराधियों की गतिविधियों और आवाजाही के संबंध में एक सटीक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम हरकत में आई और उचाना के पास स्थित पृथ्वीराज चौहान चौक पर चारों तरफ से मजबूत नाकाबंदी कर घेराबंदी की गई। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में आ रही एक काले रंग की थार गाड़ी को रोककर उसमें सवार पांचों बदमाशों को पुलिस बल ने चारों तरफ से घेरकर काबू कर लिया।

तलाशी के दौरान बरामद हुआ विदेशी ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा

बदमाशों को हिरासत में लेने के बाद जब गाड़ी और उनकी व्यक्तिगत तलाशी ली गई, तो एसटीएफ के भी होश उड़ गए। आरोपियों के कब्जे से अत्यंत आधुनिक और अवैध हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है, जिसमें 5 अत्याधुनिक विदेशी ऑटोमैटिक पिस्टल और 14 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की जा रही काले रंग की थार गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। इतने भारी मात्रा में हथियार मिलने से यह साफ हो गया है कि आरोपी किसी बड़ी और भीषण वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी में थे।

विभिन्न राज्यों और आपराधिक गिरोहों से जुड़े हैं पकड़े गए आरोपी

पुलिस हिरासत में आए पांचों आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों और नामी आपराधिक गिरोहों से ताल्लुक रखते हैं। प्राथमिक जांच में गिरफ्तार बदमाशों की पहचान हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी विकास उर्फ विक्की, नई दिल्ली निवासी अशफाक, राजस्थान निवासी प्रिंस खरड़िया व संजय बट्ठ तथा पंजाब के अमृतसर निवासी गुरलाल के रूप में हुई है। अलग-अलग राज्यों के अपराधियों का एक साथ थार गाड़ी में हथियार लेकर घूमना किसी बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट की तरफ इशारा कर रहा है।

पुलिस रिमांड के दौरान बड़े आपराधिक नेटवर्क और आकाओं के खुलासे की उम्मीद

एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। पुलिस टीम अब इस बात की तहकीकात में जुटी है कि इन शूटरों को इतने महंगे और विदेशी हथियार किसने मुहैया कराए थे और इनका मुख्य नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था। अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि पुलिस रिमांड अवधि के दौरान बदमाशों के आकाओं, उनके वित्तीय मददगारों और उनके असल निशाने पर मौजूद दो व्यक्तियों के बारे में बहुत बड़े और अहम खुलासे होंगे।