बच्चों की लगातार मौतों से दहशत, स्वास्थ्य विभाग ने मांगी रिपोर्ट
सलूंबर। जिले के लसाड़िया ब्लॉक में पांच दिनों के भीतर पांच नाबालिग बच्चों की मौत ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। सभी मृत बच्चों की उम्र महज दो से चार साल के बीच थी। बच्चों में तेज बुखार, उल्टी-दस्त और ऐंठन जैसे लक्षण अचानक उभरे और इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इन मौतों ने न सिर्फ परिवारों को तोड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में भय और बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है।
बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ी
ये सभी घटनाएं लसाड़िया ब्लॉक के घाटा और लालपुरा गांवों में सामने आई हैं। परिजनों का कहना है कि बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ी और पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें धरियावद अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़, सलूंबर जिला अस्पताल और अंत में एमबी अस्पताल उदयपुर रेफर किया गया। इनमें से दो बच्चों की रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि तीन ने अस्पताल में दम तोड़ा। मृतक बच्चों में दीपक मीणा, सीमा, लक्ष्मण मीणा, काजल मीणा और राहुल मीणा शामिल हैं।
जल्द सर्वे रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पीपी और एसडीएम दिनेश आचार्य खुद गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। कलेक्टर ने चिकित्सा टीम को पूरे क्षेत्र का व्यापक सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम गांव में डेरा डाले हुए है। टीम घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही है और रक्त के नमूने ले रही है। ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने और पानी उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, अभी तक मौतों की सटीक वजह सामने नहीं आई है। चिकित्सा विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह किसी वायरल संक्रमण का असर है या मौसमी बीमारी का प्रकोप। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की है।


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