नवजात को सुरक्षित आश्रय, प्रशासन ने शुरू की देखरेख
सिरोही| जिला मुख्यालय स्थित जनाना अस्पताल, सिरोही के पालना गृह में शुक्रवार को एक नवजात बालक मिला। सूचना मिलते ही बाल संरक्षण इकाई, सिरोही और राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी, सिरोही की टीम मौके पर पहुंची। नवजात को अपने संरक्षण में लेकर उसकी देखभाल शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, सरकारी जनाना अस्पताल के पालना गृह में एक नवजात बालक मिला। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने तुरंत अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश बोराणा और बाल कल्याण समिति, सिरोही की अध्यक्ष रतन बाफना को इसकी सूचना दी।
कुछ ही देर में समिति की अध्यक्ष रतन बाफना, सदस्य प्रतापसिंह नून और शशिकला मरडिया, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित और दत्तक ग्रहण एजेंसी के अधीक्षक भंवरसिंह परमार अस्पताल पहुंचे। टीम ने पालना गृह में मिले नवजात के स्वास्थ्य और देखभाल की स्थिति देखी।
पूरी तरह स्वस्थ है नवजात
इस दौरान शिशु की जांच और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी डॉ. मुकेश मीणा के साथ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश बोराणा ने दी। डॉक्टरों के अनुसार नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है। अधिकारियों ने बच्चे की सुरक्षा, इलाज और जरूरी देखभाल की व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए, ताकि शिशु को सही तरीके से संरक्षण और इलाज मिल सके। इस मौके पर परिवीक्षा अधिकारी रणछोड़ कुमार गर्ग, सामाजिक कार्यकर्ता जितेन्द्र कुमार, मैनेजर साक्षी परमार, नर्स गोविन्दसिंह और अस्पताल स्टाफ से नर्स पूरणसिंह तथा श्रीमती सिन्धु मौजूद रहे।
नवजातों को सुरक्षित रखने की मुहिम
गौरतलब है कि जिले में नवजात बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए एक खास मुहिम चलाई जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि जन्म के बाद बच्चों को इधर-उधर न छोड़ें, बल्कि पालना गृह में सुरक्षित छोड़ें। इस मुहिम के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं और ऐसे मामलों में बच्चों को समय पर सुरक्षा मिल पा रही है।


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