NCR की सीमाएं यथावत, हरियाणा के 14 जिलों को लेकर बड़ा निर्णय
चंडीगढ़। हरियाणा के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की सीमाओं में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। करनाल, पानीपत, जींद, महेंद्रगढ़ और भिवानी सहित राज्य के सभी 14 जिले पहले की तरह ही एनसीआर का हिस्सा बने रहेंगे। यह अहम निर्णय केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री की अगुवाई में आयोजित एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक के संपन्न होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि राजधानी क्षेत्र के मौजूदा भौगोलिक दायरे में कोई भी कटौती नहीं होगी। इससे पहले राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा के पांच प्रमुख जिलों को इस दायरे से बेदखल किया जा सकता है, जिससे एनसीआर में राज्य की हिस्सेदारी बेहद कम हो जाती। वर्तमान में हरियाणा के कुल 23 जिलों में से 14 जिले इस क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि यदि यह कटौती लागू होती तो राजस्थान सबसे ज्यादा प्रभावित होता, क्योंकि नए प्रस्ताव के तहत उसका केवल भिवाड़ी इलाका ही एनसीआर में बचता। राजस्थान सरकार के कड़े विरोध के चलते ही इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा।
रीजनल प्लान 2041 के लिए विशेष समिति का गठन
इस उच्च स्तरीय बैठक में 'रीजनल प्लान-2041' को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और चारों संबंधित राज्यों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली) के आला अधिकारियों को मिलाकर एक उप-समिति (सब-कमेटी) बनाने का फैसला हुआ है। यह विशेष समिति आगामी 15 अगस्त तक अपनी विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भरोसा जताया कि योजना बोर्ड के इन दूरगामी फैसलों से पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का एक समान और मजबूत विकास हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एनसीआर के चहुंमुखी विकास को अपनी प्राथमिकताओं में ऊपर रखती है और आने वाले समय में ग्रीनफील्ड शहरों व आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) की परियोजनाओं को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाएगी।
हरियाणा में बनेगा नया 'नमो सिटी' मॉडल टाउन
मुख्यमंत्री ने आगे जानकारी दी कि बैठक के दौरान आरआरटीएस रूट के साथ-साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर बसाने का एक बेहद क्रांतिकारी निर्णय लिया गया है। बोर्ड में शामिल सभी भागीदार राज्य एक-एक नए ग्रीनफील्ड शहर के निर्माण का खाका तैयार करके भेजेंगे। 'नमो सिटी' के नाम से पहचाने जाने वाले ये नए शहर पूरी तरह से आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्रों के तौर पर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की अगली समीक्षा बैठक दिसंबर 2026 में हरियाणा के गुरुग्राम शहर में बुलाई जाएगी।
करनाल तक ही रहेगी रैपिड रेल, नहीं बढ़ेगी अंबाला की ओर
परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) का रूट सिर्फ करनाल तक ही सीमित रहेगा और इसे अंबाला तक ले जाने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि एनसीआर का मुख्य उद्देश्य केवल दिल्ली के प्रभाव क्षेत्र को अंतहीन बढ़ाना नहीं है, बल्कि उसके आस-पास ऐसे व्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त शहर तैयार करना है जो स्वयं निवेश, रोजगार, उद्योग, शिक्षण संस्थाओं और जनसंख्या को अपनी तरफ आकर्षित कर सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में करनाल और अंबाला जैसे शहर 'मैग्नेट सिटी' के रूप में उभरेंगे, जो दिल्ली की तरफ भागने वाली आबादी और विकास के दबाव को अपने स्तर पर ही संभालकर क्षेत्रीय आर्थिक तरक्की के नए पावरहाउस बनेंगे।


राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न की एक गोली बनी मौत की वजह, कोर्ट ने BJP विधायक को सुनाई सजा
गुजरात से पीएम मोदी का संदेश, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की तेज प्रगति का दावा
शिक्षिका की मौत मामले में नया मोड़, सुसाइड नोट के बाद वकील पर कार्रवाई
बिहार में त्वरित न्याय के लिए सरकार का बड़ा फैसला, सम्राट चौधरी ने किया ऐलान


