भोपाल|इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध के असर को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है. इस बैठक में चीफ़ सेक्रेटरी, DGP, गृह सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग और हॉर्टिकल्चर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे|

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर की आशंका

अधिकारियों के अनुसार यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबा चलता है तो इसका असर भारत सहित मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है. खासतौर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है. इसी को लेकर सरकार ने पहले से स्थिति का आकलन करने का फैसला किया है|

LPG और CNG की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना

बैठक में यह भी चर्चा होगी कि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने की स्थिति में LPG और CNG की सप्लाई पर क्या असर पड़ सकता है. सरकार इस बात की समीक्षा करेगी कि प्रदेश में इन ईंधनों की उपलब्धता बनी रहे और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े|

ईंधन के स्टॉक की होगी समीक्षा

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल, LPG और CNG के उपलब्ध स्टॉक की विस्तृत समीक्षा की जाएगी. अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि मौजूदा भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था का आकलन कर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था की जाए|

मिडल ईस्ट में फंसे लोगों को निकालने की तैयारी

बैठक में मध्य पूर्व के देशों में फंसे मध्य प्रदेश के लोगों को सुरक्षित निकालने की तैयारियों पर भी चर्चा की जाएगी. सरकार इस बात पर विचार करेगी कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो वहां मौजूद प्रदेश के लोगों को किस तरह सुरक्षित वापस लाया जा सकता है|

आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

सरकार अधिकारियों को निर्देश देगी कि प्रदेश में ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था हर हाल में सुचारु बनी रहे. इसके लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए जाएंगे|

वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था की तैयारी

जरूरत पड़ने की स्थिति में वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तैयार करने की योजना पर भी बैठक में चर्चा होगी. सरकार चाहती है कि किसी भी संभावित अंतरराष्ट्रीय संकट का असर प्रदेश के लोगों पर कम से कम पड़े और आवश्यक सेवाएं बिना बाधा के जारी रहें|