मानसून हुआ मेहरबान, रेगिस्तानी इलाकों में भी भारी बारिश की चेतावनी
जयपुर: राजस्थान में मानसून पूरी तरह मेहरबान है और प्रदेश के बड़े हिस्से में लगातार तूफानी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों में आफत की बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। इसके साथ ही राज्य के नौ अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट और बाकी इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रेगिस्तानी इलाकों से लेकर झीलों की नगरी तक पानी-पानी
बीते दिन बाड़मेर, जालौर, सिरोही, उदयपुर, जैसलमेर और पाली समेत पश्चिमी व दक्षिणी राजस्थान में दोपहर बाद बादलों ने जमकर तबाही मचाई। उदयपुर के लसाड़िया क्षेत्र में सबसे खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां बीते 24 घंटों के भीतर ही 290 मिमी यानी लगभग 11 इंच बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र ने मरुस्थलीय जिले बाड़मेर के लिए भी तत्काल प्रभाव से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी कर अलर्ट मोड पर रहने को कहा है।
एक साथ तीन वेदर सिस्टम ने बढ़ाया बारिश का जोर
जयपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश में तीन मजबूत मौसमी तंत्र एक साथ काम कर रहे हैं। मानसून ट्रफ नीचे खिसकने के अलावा कोटा और उदयपुर संभाग पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है और दक्षिणी हिस्सों में शियर जोन बना हुआ है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के टकराने से गुजरात सीमा से सटे इलाकों में भारी जलभराव हो रहा है, जिसका असर अगले चार दिनों तक पूरे राज्य में बना रहेगा।
उफान पर नदियां और ठप पड़ा जनजीवन
लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश ने आम लोगों की मुसीबतें काफी बढ़ा दी हैं। डूंगरपुर क्षेत्र में सोम और माही नदियां अपने रौद्र रूप में बह रही हैं, जिससे आसपास के इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, ब्यावर और भीलवाड़ा में हजारों एकड़ खेत पानी में डूब गए हैं, वहीं कई जगह पुलिया बह जाने और बरसाती नालों के उफान पर होने से दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है।
प्रदेश भर में बारिश के आंकड़ों ने तोड़े रिकॉर्ड
हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो भीलवाड़ा के बागोर में 60 मिमी, सलूंबर में 61 मिमी और झालड़ा में 62 मिमी पानी बरसा है। इसके अलावा बाड़मेर के पचपदरा व पाटौदी, राजसमंद के आमेट और सरदारगढ़, चित्तौड़गढ़ के राश्मी तथा जालौर जिले में भी 50 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश का यह दौर फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।


निवेशकों के लिए खुशखबरी! जुनिपर ग्रीन एनर्जी ला रही है बड़ा आईपीओ
रथ यात्रा हादसे में लापरवाही की जांच, झुलसे श्रद्धालुओं की हालत अब बेहतर
मौत की फैक्टरी बना पटाखा यूनिट, विस्फोट के बाद सामने आई लापरवाही की कहानी
25 दिनों से जारी धरने ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश के 20 जिलों में छात्र आंदोलन
डीपफेक वीडियो पर सख्त हुए पीयूष गोयल, दोषियों पर कार्रवाई की मांग


