ममता-हिमंत आमने-सामने: न्योते के साथ बयानबाज़ी, राजनीति गरमाई
कोलकाता | पश्चिम बंगाल और असम की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। चुनावी रैलियों के दौरान दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक दूसरे पर खूब निशाने साधे और कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। पहले बात अगर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की करें तो उन्होंने बंगाल के कूच बिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी पर एक साथ कई मामलों को लेकर निशाना साधा। सीएम सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी मांसहारी भोजन को लेकर लोगों में झूठा डर फैला रही हैं। रैली को संबोधित करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी यह कहकर डर फैला रही हैं कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो नॉन-वेज खाने पर रोक लगाई जाएगी। सरमा ने ममता बनर्जी को असम आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि मैं उन्हें एक बार असम आने का न्योता देता हूं, ताकी वो आएं और देखे कि असम में नौन-वेज मिलता है की नहीं।
सीएम सरमा ने ममता बनर्जी पर लगाए गंभीर आरोप
सीएम सरमा ने अपने बयान में आगे इस बात पर जोर दिया कि असम में 10 साल से भाजपा की सरकार है, और वहां के लोग अच्छा नॉन-वेज खाना खाते हैं और इस पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि असली चिंता का कारण नॉन-बेज नहीं बीफ और गौहत्या है, क्योंकी अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आएगी तो गॉहत्या पर पूरी तरह से रोक लगा देगी। इसलिए ममता बनर्जी लोगों को नॉन वेज का डर दिखा कर भड़का रहीं हैं।
यूसीसी पर क्या बोले सीएम सरमा
इसके साथ ही अपने संबोधन में सीएम सरमा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो वहां भी ऐसे कानून लागू किए जाएंगे।
ममता बनर्जी ने भी ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मथाभांगा में एक चुनावी रैली के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश को बांटने की कोशिश की जा रही है और महिला आरक्षण तथा परिसीमन जैसे अहम मुद्दों को जोड़कर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इन विधेयकों के बहाने मतदाता सूची से नाम हटाने और एनआरसी लागू करने की साजिश की जा रही है।
कूच बिहार हिंसा पर चुनाव आयोग को घेरा
इसके साथ ही कूच बिहार में हो रही राजनीतिक हिंसा पर सवाल उठाते हुए सीएम ममता ने कहा कि जब भी चुनाव आयोग की निगरानी में मतदान होता है, तभी वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में राजनीतिक हिंसा चिंता का विषय है और इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।


चुनावी माहौल में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
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