चंडीगढ़। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पूरी राजधानी को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। प्रधानमंत्री के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) और पीजीआई में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रमों के मद्देनजर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान पूरी तरह अपने हाथों में ले ली है। सुरक्षा चक्र को अभेद्य बनाने के लिए केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस के हजारों जवानों को तैनात किया जा रहा है, ताकि चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा सके।

एसपीजी की पैनी नजर और बहुस्तरीय सुरक्षा का खाका

प्रधानमंत्री की सुरक्षा के जिम्मेदार वीवीआईपी दस्ते यानी एसपीजी के वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों कार्यक्रम स्थलों का बारीकी से निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया है। इस दौरान प्रवेश और निकास द्वारों, वीवीआईपी रूट, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और सुरक्षा घेरे की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा तैयारियों, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और जिम्मेदारियों के बंटवारे को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की गई है। पूरे शहर में बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, क्विक रिस्पांस टीम और स्नाइपर्स की तैनाती की जा रही है, जबकि सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आतंकी हमले से निपटने की मॉक ड्रिल

संभावित खतरों और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक विशाल मल्टी एजेंसी मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया। इस अभ्यास के दौरान एयरपोर्ट पर आतंकी हमले जैसी काल्पनिक स्थिति बनाई गई, ताकि सभी सुरक्षा बलों की त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी तालमेल को परखा जा सके। इस बेहद महत्वपूर्ण ड्रिल में सीआईएसएफ, भारतीय सेना, पंजाब पुलिस, कस्टम विभाग और एयरपोर्ट पब्लिक हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया और अपनी मुस्तैदी का परिचय दिया।

करोड़ों की स्वास्थ्य परियोजनाओं की सौगात और शिलान्यास

अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीजीआई को करीब 1250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। वे यहां एडवांस मैटरनल चाइल्ड केयर सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइन सेंटर का विधिवत उद्घाटन करेंगे, जिनमें से प्रत्येक सेंटर में 300 बेड की क्षमता होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री 150 बेड वाले एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी करेंगे। इन नए केंद्रों में मरीजों के लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और आम जनता के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी

पीजीआई प्रबंधन के अनुसार इन नए सेंटरों में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं आगामी कुछ महीनों के भीतर पूरी तरह से सुचारू रूप से काम करने लगेंगी, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलने वाली मुफ्त किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं में अब वेटिंग लिस्ट पूरी तरह खत्म हो गई है। वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान शहरवासियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन जल्द ही एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करने जा रहा है, जिसमें कई प्रमुख मार्गों के रूट बदले जाएंगे।