रायपुर|छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक महत्वपूर्ण मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा में कमी कर दी है. न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल की एकलपीठ ने दोनों आरोपियों की 7 वर्ष की सजा घटाकर 2 वर्ष 6 माह कर दी है, जबकि अर्थदंड यथावत रखा गया है. यह मामला क्रिमिनल अपील से संबंधित है, जिसमें आरोपी खिलेश कंवर उर्फ छोटू और मनीष कंवर ने सत्र न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी|

क्या है पूरा मामला?

ये घटना 17 दिसंबर 2021 की है, जब बिलासपुर जिले के सीपत के ग्राम खम्हरिया में राउत बाजार के दौरान विवाद हुआ. पीड़ित सत्यनारायण सोनझरी अपनी दुकान पर बैठा था, पहले झूले के पास आरोपियों और पीड़ित के रिश्तेदार के बीच विवाद हुआ. बाद में दोनों आरोपी फिर लौटे और गाली-गलौज शुरू की. मनीष ने थप्पड़ मारा, इसके बाद खिलेश ने चाकू से पेट पर वार किया. घायल को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन करना पड़ा. डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि चोट गंभीर और धारदार हथियार से हुई थी|

कोर्ट की अहम टिप्पणियां

हाई कोर्ट ने कहा कि, चश्मदीद गवाह भले रिश्तेदार हों, पर उनके बयान विश्वसनीय हैं. मेडिकल साक्ष्य और घटनाक्रम पूरी तरह अभियोजन के पक्ष में है. आरोपी खिलेश द्वारा चाकू से हमला करना सिद्ध हुआ. मनीष ने पहले मारपीट शुरू कर सामान्य आशय को आगे बढ़ाया. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों आरोपी एकमत होकर घटना को अंजाम देने पहुंचे थे, इसलिए धारा 307/34 आईपीसी लागू होना उचित है|