अफगानिस्तान में बाढ़ की त्रासदी, 100 से ज्यादा लोग लापता; बचाव कार्य तेज
पूर्वी अफगानिस्तान: मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ और फ्लैश फ्लड (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 80 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
नूरिस्तान और पारून में सर्वाधिक तबाही
अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस त्रासदी का सबसे भीषण प्रभाव पूर्वी प्रांत नूरिस्तान और पारून के आसपास के क्षेत्रों में पड़ा है। बाढ़ के पानी में सैकड़ों मकान और उपजाऊ कृषि भूमि जलमग्न हो चुके हैं। राहत व बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश और प्रभावितों तक मदद पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं।
10 प्रांतों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी
इस भीषण तबाही के बीच मौसम विभाग ने देश के 34 में से 10 प्रांतों में भारी बारिश, तेज आंधी और फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नदी तटीय और निचले संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की सख्त हिदायत दी है।
जर्जर ढांचा और जलवायु परिवर्तन बने आपदा का कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तबाही के पीछे केवल मूसलाधार बारिश ही वजह नहीं है। दशकों लंबे युद्ध से जर्जर हुआ बुनियादी ढांचा, जंगलों की कटाई, कमजोर अर्थव्यवस्था और जलवायु परिवर्तन ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। मिट्टी के कच्चे मकान बाढ़ के तेज बहाव को झेलने में सक्षम नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष की शुरुआत में भी अफगानिस्तान में बाढ़ व भूस्खलन से 110 से अधिक लोगों की जान जा चुकी थी।


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