मेला घूमने गई छात्रा की संदिग्ध हालत में मौत, जांच शुरू
मुजफ्फरपुर। जिले के मनियारी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 15 वर्षीय छात्रा का शव आम के बगीचे में फंदे से लटका हुआ मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
आम के बगीचे में मिला छात्रा का शव
यह मामला मनियारी थाना क्षेत्र के अमरख वार्ड संख्या 3 का है, जहां एक छात्रा का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया। मृतका की पहचान स्व. मोहम्मद शकील की 15 वर्षीय पुत्री जलीना खातून के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, जलीना खातून गुरुवार शाम को मेला देखने जाने की बात कहकर घर से निकली थी। लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटी, तो परिजन और आसपास के लोग उसकी तलाश में जुट गए। काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद शुक्रवार सुबह गांव के लोगों ने देखा कि एक लड़की का शव आम के पेड़ से फंदे के सहारे लटका हुआ है। बाद में उसकी पहचान जलीना खातून के रूप में हुई।
शव देखते ही परिजनों में मचा कोहराम
जैसे ही इस घटना की जानकारी परिजनों को मिली, वे मौके पर दौड़ते हुए पहुंचे। शव को देखते ही घरवालों में चीत्कार मच गई और पूरे गांव में मातम पसर गया। इसके बाद मामले की सूचना स्थानीय पुलिस और वरीय अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही मनियारी थाना पुलिस और एसडीपीओ वेस्ट-2 अनिमेष चन्द्र ज्ञानी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। पुलिस इस मामले में सुसाइड और हत्या—दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। वहीं, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
क्या बोले एसडीपीओ
एसडीपीओ वेस्ट-2 अनिमेष चन्द्र ज्ञानी ने बताया कि 15 वर्षीय छात्रा का शव आम के बगीचे में दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ मिला है। प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का लग रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया गया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


रूस-भारत संबंध मजबूत: डिप्टी पीएम मंटुरोव ने उठाए व्यापार और ऊर्जा के मुद्दे
मन्नू भंडारी जन्म 03-04-1931 - जयंती 03-04-2026
Bengal 2026: AIMIM ने चुने 12 चेहरे, जानें पूरी टिकट लिस्ट
राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया: दबाव में हूं, पर जज्बा नहीं टूटा
देसी और हाइब्रिड खीरे में क्या अंतर, कौन ज्यादा फायदेमंद


