बिजली की चिंता खत्म, सोलर पंप से सिंचाई कर रहे किसान
सलूम्बर। राजस्थान के सलूम्बर जिले के जनजाति किसानों के लिए सौर ऊर्जा एक नई उम्मीद लेकर आई है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 274 अनुसूचित जनजाति के किसानों को मुफ्त सोलर पंप उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सिंचाई की पुरानी समस्याओं का समाधान हो गया है।
सरकार की विशेष पहल
राज्य सरकार के प्रयासों से जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया गया है। पहले बिजली की किल्लत और आर्थिक समस्याओं के कारण किसान समय पर फसलों को पानी नहीं दे पाते थे, लेकिन अब सौर ऊर्जा की मदद से उन्हें दिन के समय बिना किसी खर्च के निरंतर पानी मिल रहा है।
कुसुम योजना: पूरी तरह निःशुल्क सुविधा
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) की सबसे बड़ी खूबी यह है कि अधिसूचित जनजाति क्षेत्रों के लिए इसे पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है।
- पूरा अनुदान: सामान्य क्षेत्रों में जहां किसानों को अपनी जेब से हिस्सा देना पड़ता है, वहीं सलूम्बर के जनजाति किसानों के लिए राज्य सरकार और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग ने पूरा वित्तीय भार खुद उठाया है।
- अतिरिक्त सहायता: प्रत्येक सोलर पंप पर 45 हजार रुपये की अतिरिक्त अनुदान राशि भी प्रदान की गई है।
खेती में आया बड़ा बदलाव
योजना के तहत 3 और 5 एचपी के सोलर पंप लगाए गए हैं। इसका सीधा लाभ खेती के तीनों सत्रों (रबी, खरीफ और जायद) में मिल रहा है:
- बिजली बिल से मुक्ति: किसानों को अब बिजली के बिल या रात में सिंचाई करने की मजबूरी से छुटकारा मिल गया है।
- उत्पादन में वृद्धि: समय पर पानी मिलने से पैदावार बढ़ी है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।
आवेदन की प्रक्रिया
उद्यान विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान राजकिसान साथी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:
- जनाधार कार्ड
- भूमि की जमाबंदी
- संलग्नक-1 प्रपत्र
सलूम्बर के सुदूर क्षेत्रों में सोलर पंपों की स्थापना ने न केवल खेती को आधुनिक बनाया है, बल्कि किसानों के जीवन स्तर को भी ऊंचा उठाया है।


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