मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के एक चिकित्सक ने अपनी दूसरी पत्नी और उसके मायके वालों पर घर से कीमती आभूषण समेटकर फरार होने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी के निधन के बाद बच्चों की देखरेख और बेहतर भविष्य की उम्मीद में वर्ष 2022 में कोलकाता की एक युवती से निकाह किया था, लेकिन समय के साथ उन्हें सुखद भविष्य के बजाय धोखे और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। फिलहाल पुलिस ने चिकित्सक की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

वैवाहिक जीवन में धोखे और प्रताड़ना का खुलासा

चिकित्सक ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि शादी के कुछ समय बीतने के बाद ही उनकी पत्नी के व्यवहार में अचानक कड़वाहट आने लगी और वह बच्चों के प्रति बेहद कठोर हो गई। इसी बीच डॉक्टर को इस बात की भनक लगी कि जिस महिला से उन्होंने निकाह किया है, वह पहले से ही विवाहित थी और यह जानकारी उनसे पूरी तरह छिपाई गई थी। बच्चों की परवरिश की खातिर वे सब कुछ सहते रहे, लेकिन स्थिति तब और बिगड़ गई जब उनकी अनुपस्थिति में बच्चों के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का सिलसिला शुरू हो गया।

जेवरात लेकर फरार होने की सोची-समझी साजिश

पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने पत्नी की हरकतों की शिकायत उसके मायके वालों से की, तो समाधान होने के बजाय साजिश का नया दौर शुरू हो गया। कोलकाता से आए ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर सुलह का बहाना बनाया, लेकिन मौका पाकर घर में रखे सभी कीमती सामान और आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। डॉक्टर का आरोप है कि आरोपियों ने उनकी दिवंगत पहली पत्नी के यादगार जेवर और शादी के दौरान मिले अन्य बहुमूल्य आभूषण भी साथ ले गए और बिना किसी सूचना के रातों-रात कोलकाता के लिए रवाना हो गए।

कानूनी कार्रवाई और पुलिसिया तफ्तीश का दौर

घटना के बाद जब पीड़ित ने अपने सामान की वापसी के लिए संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्हें कोलकाता से लगातार धमकियां मिलने लगीं जिससे परेशान होकर उन्होंने कानून की शरण ली। ब्रह्मपुरा थाना प्रभारी विपिन कुमार रंजन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि डॉक्टर की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस की एक टीम साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस अब कोलकाता स्थित महिला के ठिकानों और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि की पड़ताल कर रही है ताकि सच सामने आ सके।

सामाजिक सुरक्षा और वैवाहिक सतर्कता का संदेश

यह घटना समाज के उन वर्गों के लिए एक चेतावनी की तरह है जो जल्दबाजी में या बिना पूर्ण सत्यापन के वैवाहिक संबंध स्थापित कर लेते हैं। डॉक्टर ने अपनी आपबीती में बताया कि कैसे वे कोलकाता के कुछ बिचौलियों के झांसे में आ गए, जिसका परिणाम आज उन्हें आर्थिक और मानसिक क्षति के रूप में भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वैवाहिक अनुबंधों से पहले संबंधित पक्षों की पूरी जानकारी जुटाना अत्यंत आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी जालसाजी और धोखाधड़ी की घटनाओं से बचा जा सके।