10 रुपये को लेकर खूनी खेल, चालक-कंडक्टर पर बेरहमी से हमला
नालंदा। जिले में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने महज चंद रुपयों के विवाद में एक बस के चालक और परिचालक को सरेराह मौत के मुहाने पर धकेल दिया। घटना जय बाबा गोविंद बस सर्विस से जुड़ी है, जहां बुधवार की शाम बदमाशों ने बस के भीतर और सड़क पर सरेआम तांडव मचाया। इस पूरी वारदात का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बदमाश कंडक्टर को बस से घसीटकर बाहर निकालते और बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। इस हमले में बस के चालक और परिचालक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराया गया है।
बिहार शरीफ से सरमेरा चलती है बस
बस मालिक ईशांक राज ने बताया कि उनकी बस बिहार शरीफ के रामचंद्रपुर बस स्टैंड से सरमेरा के लिए चलती है। बुधवार की शाम जब बस अपनी आखिरी ट्रिप पर जा रही थी, तभी भागन बीघा ओपी क्षेत्र के मोड़ा पिचासा मोड़ के पास एक युवक ने बस को रुकने का इशारा किया। युवक को अस्थवां थाना क्षेत्र के मालती मुस्तफापुर गांव जाना था, जिसके लिए कंडक्टर अरविंद कुमार ने 20 रुपये किराए की मांग की। हालांकि वास्तविक किराया 30 रुपये था, फिर भी युवक महज 10 रुपये देने पर अड़ गया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई और किराया कम देने के कारण कंडक्टर ने उसे बस पर सवार नहीं किया। इससे आक्रोशित होकर युवक ने अंजाम भुगतने की धमकी दी और तुरंत किसी को फोन कर दिया।
दिनभर का क्लेकशन भी लुटा
जैसे ही बस कुछ दूर आगे बढ़कर मालती मुस्तफापुर पहुंची, वहां पहले से ही हथियारों और लाठी-डंडों से लैस युवकों ने बस को घेर लिया। बस के रुकते ही बदमाश भीतर दाखिल हो गए और कंडक्टर अरविंद कुमार पर टूट पड़े। बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटते हुए बस से बाहर खींच लिया और बीच सड़क पर भी मारपीट जारी रखी। इस दौरान चालक ने जब बीच-बचाव की कोशिश की, तो उसे भी बुरी तरह जख्मी कर दिया गया। मारपीट के दौरान बदमाशों ने दिनभर का करीब 20 से 25 हजार रुपये का कलेक्शन लूट लिया। साथ ही ड्राइवर के गले से बजरंगबली का लॉकेट और कंडक्टर के गले से सोने की चेन भी झपट ली।
सहमे दिखे यात्री
वारदात के वक्त बस में सवार यात्री बुरी तरह सहम गए और खुद को बचाने के लिए सीटों के पीछे छिपते दिखे। पूरी घटना बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें हमलावरों की बर्बरता साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
थानाध्यक्ष को जानकारी नहीं
इस संबंध में जब अस्थवां थाना अध्यक्ष उत्तम कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं मिली है, पुलिस की इस अनभिज्ञता ने स्थानीय परिवहन कर्मियों और बस संचालकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


यूसीसी को लेकर एमपी सरकार सक्रिय, कमेटी गठन की तैयारी
हेल्थ चेकअप की पूरी लिस्ट, सालाना जांच क्यों है जरूरी
‘पाकिस्तान जाकर बसें’ टिप्पणी से गरमाई सियासत, केके मिश्रा ने पार्षदों को घेरा
प्लास्टिक स्ट्रॉ से पीना पड़ सकता है भारी, जानें नुकसान
असम चुनाव नतीजे आज, भाजपा की हैट्रिक पर टिकी नजरें


