मुंबई:देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) की तारीख घोषित कर दी है। इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दिए जाने वाले फाइनल डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट का भी एलान किया है। रिलायंस इस बार अपने शेयरधारकों को 6 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के मुताबिक, इस लाभांश (डिविडेंड) के लिए 5 जून को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। इस निर्धारित तारीख तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रजिस्टर या डिपॉजिटरी रिकॉर्ड में बतौर बेनिफिशियल ओनर दर्ज होंगे, वे इस डिविडेंड को पाने के हकदार माने जाएंगे।

19 जून को शेयरहोल्डर्स से ली जाएगी मंजूरी

इस फाइनल डिविडेंड को आगामी 19 जून को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। शेयरहोल्डर्स से हरी झंडी मिलने के ठीक 7 दिनों के भीतर डिविडेंड की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पिछले वित्त वर्ष (2024-25) के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज ने प्रति शेयर 5.50 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

शेयर बाजार में रिलायंस के स्टॉक की स्थिति

10 रुपये की फेस वैल्यू वाले रिलायंस के शेयर बुधवार, 27 मई को बीएसई (BSE) पर 1,350 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। गुरुवार को बकरीद के त्योहार के कारण शेयर बाजार में अवकाश रहा। वर्तमान में कंपनी का कुल मार्केट कैप 18.26 लाख करोड़ रुपये है। बीएसई पर इस शेयर का 52 हफ्तों का एडजस्टेड हाई 1,611.20 रुपये और एडजस्टेड लो 1,290 रुपये रहा है। पिछले 6 महीनों के दौरान इस शेयर में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी में प्रमोटर्स के पास कुल 50 फीसदी की हिस्सेदारी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज हाउसेज का भरोसा बरकरार

रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्टॉक पर नजर रखने वाले 34 मार्केट एनालिस्ट्स में से 33 ने इसे 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग दी है, जबकि केवल एक ने इसे 'सेल' करने की सलाह दी है। प्रमुख ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने इसके लिए सबसे ज्यादा 1,910 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। इसके अलावा नोमुरा ने 'बाय' रेटिंग के साथ 1,680 रुपये, मॉर्गन स्टेनली ने 'ओवरवेट' रेटिंग के साथ 1,803 रुपये और सीएलएसए (CLSA) ने 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग देते हुए 1,800 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।

चौथी तिमाही के नतीजे और सालाना मुनाफा

अगर वित्तीय प्रदर्शन की बात करें, तो जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) सालाना आधार पर 12.5 प्रतिशत घटकर 16,971 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 19,407 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस तिमाही में कामकाज से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 2,98,621 करोड़ रुपये रहा, जो मार्च 2025 की तिमाही में 2,64,573 करोड़ रुपये था।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की बात करें तो कंपनी का कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10,75,675 करोड़ रुपये रहा (जो बीते वर्ष 9,80,136 करोड़ रुपये था) और पूरे साल का नेट प्रॉफिट बढ़कर 80,775 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 69,648 करोड़ रुपये था।