भागीरथपुरा त्रासदी : पीड़ितों को अब आयुर्वेद का संबल, आज से दवा वितरण
आयुष विभाग की विशेष टीम करेगी कैंप का आयोजन, उल्टी-दस्त से राहत के लिए दी जाएगी औषधि
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से फैले संक्रमण के बाद अब जिला प्रशासन और आयुष विभाग ने मिलकर राहत कार्यों को गति दी है। संक्रमण से प्रभावित लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए सोमवार सुबह 9 बजे से क्षेत्र में विशेष आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श और दवाओं का वितरण होगा।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. हंसा बारिया ने बताया कि यह अभियान जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर चलाया जा रहा है। इसमें शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सक और आयुष विभाग की टीमें शामिल रहेंगी। आयुष विभाग, मध्य प्रदेश शासन द्वारा विशेष रूप से ऐसी औषधियां उपलब्ध कराई गई हैं, जो जलजनित रोगों जैसे उल्टी, दस्त और पेट संबंधी विकारों में अत्यंत प्रभावी हैं।
:: संजीवनी क्लिनिक पर जुटेंगे विशेषज्ञ ::
प्राचार्य डॉ. अजीत पाल सिंह चौहान के अनुसार, आयुर्वेद चिकित्सकों की टीम स्थानीय संजीवनी क्लिनिक के डॉक्टरों के साथ मिलकर कार्य करेगी। शिविर का उद्देश्य केवल दवा वितरण तक सीमित नहीं है; विभाग द्वारा प्रत्येक मरीज का रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा और नियमित अंतराल पर उनका फॉलो-अप भी लिया जाएगा ताकि उनके स्वास्थ्य में हो रहे सुधार की निगरानी की जा सके।
:: शीघ्र रिकवरी पर जोर ::
क्षेत्र में अभी भी कई लोग कमजोरी और संक्रमण के लक्षणों से जूझ रहे हैं। आयुष विभाग का मानना है कि एलोपैथिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक औषधियों का समावेश मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएगा और उन्हें जल्दी स्वस्थ होने में मदद करेगा।


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