AIN गुवाहाटी: सैनिक परिवारों के लिए खास मेडिकल कॉलेज, जानें एडमिशन डिटेल्स
नई दिल्ली:
हर साल लाखों छात्र NEET UG परीक्षा में बैठते हैं ताकि मेडिकल फील्ड में करियर बना सकें, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते। अगर आप भी NEET में सफल नहीं हो सके हैं और फिर भी मेडिकल क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आपके पास अब भी एक बेहतरीन विकल्प मौजूद है - आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग (AIN), गुवाहाटी।
क्या है AIN गुवाहाटी?
AIN गुवाहाटी की स्थापना वर्ष 2006 में सैन्यकर्मियों और पूर्व-सैन्यकर्मियों के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली नर्सिंग शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्थान श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज SSUHS) से संबद्ध है और इसे इंडियन नर्सिंग काउंसिल, असम नर्सिंग काउंसिल, और आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES) से मान्यता प्राप्त है।
यहां दो प्रमुख कोर्स कराए जाते हैं:
B.Sc. Nursing
M.Sc. Nursing
B.Sc Nursing के लिए योग्यता और चयन प्रक्रिया:
अभ्यर्थी ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी और इंग्लिश के साथ 10+2 पास किया हो और कम से कम 50% अंक प्राप्त किए हों।
आवेदन के समय आयु 17 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
चयन OAT (Online Admission Test) और काउंसलिंग के आधार पर होता है।
M.Sc Nursing के लिए योग्यता और चयन प्रक्रिया:
अभ्यर्थी के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से B.Sc Nursing या Post Basic B.Sc Nursing की डिग्री होनी चाहिए, जिसमें कम से कम 55% अंक अनिवार्य हैं। प्रवेश PG-WAT (Post Graduate Written Admission Test) के माध्यम से होता है।
किनके लिए है यह खास मौका?
AIN गुवाहाटी विशेष रूप से भारतीय सैनिकों के परिवारों, खासकर बेटियों, के लिए एक सुनहरा अवसर है। यहां से पढ़ाई करके छात्राएं एक मजबूत मेडिकल करियर बना सकती हैं — वो भी बिना NEET पास किए।
निष्कर्ष:
अगर आपने NEET पास नहीं किया है और फिर भी नर्सिंग के माध्यम से मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाना चाहती हैं, तो Army Institute of Nursing, Guwahati आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह संस्थान न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि भारतीय सेना से जुड़े परिवारों को एक सम्मानजनक और स्थिर भविष्य की राह भी दिखाता है।


प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
एपिस्टीन कांड में पीड़ितों को बड़ा मुआवजा, बैंक ने दी 686 करोड़ की राशि
ट्रंप के तेवर हुए नरम, युद्ध के समाप्ति संकेत और होर्मुज की स्थिति
काले जादू और राजनीति का संगम: यहां नेता करते हैं हाजरी
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प


