बहस के बाद तहसीलदार ने सदन में मांगी माफी
दौसा। विधायक दीनदयाल बैरवा से विवाद के बाद तहसीलदार गजानंद मीणा ने माफी मांग ली है। गौरतलब है कि 2 फरवरी को दौसा में ट्रक यूनियन के सामने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विधायक और तहसीलदार के बीच तीखी बहस हो गई थी। इस प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया था।
अब तहसीलदार गजानंद मीणा ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को माफीनामा भेजकर अपने व्यवहार पर खेद जताया है। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में माफीनामा पढ़कर सुनाया और कहा कि मामले को यहीं समाप्त किया जाता है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में बताया कि दौसा विधायक से जुड़े इस मामले की जानकारी उन्हें विपक्षी विधायकों ने दी थी। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए दौसा कलेक्टर से फोन पर बात की और अगले दिन तहसीलदार को तलब कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। जांच में यह सामने आया कि तहसीलदार का व्यवहार जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं था। इसके बाद कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। माफीनामे में तहसीलदार गजानंद मीणा ने लिखा कि 2 फरवरी को विधायक दीनदयाल बैरवा के साथ उनका व्यवहार गरिमापूर्ण नहीं था और उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने इस पर खेद व्यक्त करते हुए भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न होने का आश्वासन दिया।


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