मध्य प्रदेश में पेंशनर्स का डाटा चुराकर साइबर ठगी, झारखंड से जालसाज गिरफ्तार
भोपाल: साइबर ठगों के निशाने पर अब सरकारी नौकरी से रिटायर्ड होने वाले पेंशनर्स भी हैं. जालसाज सरकारी विभाग की वेबसाइट से रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों का डाटा निकालकर उनको निशाना बना रहे हैं. जालसाज ऐसे रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारियों को ट्रेजरी अधिकारी बनकर कॉल करते और पेंशन अकाउंट के वैरीफिकेशन के नाम पर डाटा चुराकर उन्हें चूना लगा देते. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब भोपाल क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने ऐसे ही एक जालसाज प्रशांत कुमार को झारखंड से गिरफ्तार करने में सफलता पाई है. आरोपी एक रिटायर्ड डीएसपी को भी चूना लगा चुका है.
लंबे समय से बना रहा था पेंशनर्स को निशाना
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें लगातार इस तरह की शिकायतें मिल रही थी, जिसमें ठगी करने वाले ट्रेजरी का अधिकारी बनकर पेंशनर्स को कॉल करते और फिर उनकी पेंशन बंद होने का डर दिखाते. इसके बाद अकाउंट वैरीफिकेशन के नाम पर उन्हें एक लिंक भेजा जाता था.
इस लिंक को खोलने पर एक फार्म खुलता था, जो हूबहू सरकारी विभाग जैसा होता था, लेकिन पेंशनर्स इसमें जैसे ही बैंक की डिटेल, पैन नंबर और ओटीपी डालते यह जानकारी मिलते ही जालसाज उनके अकाउंट से रकम उड़ा देता था. ऐसी ही एक शिकायत के बाद जब क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की तो जिस खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ, वह झारखंड के देवघर का निकला. क्राइम ब्रांच की टीम ने इसके बाद आरोपी को ट्रेस करना शुरू किया और रांची पहुंचकर आरोपी को दबोच लिया.
आरोपी के पास मिले कई मोबाइल और डिटेल
क्राइम ब्रांच को आरोपी के पास से कई मोबाइल, सिम और मध्य प्रदेश के कई कर्मचारी अधिकारियों का रिकॉर्ड भी मिला है. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी कर्मचारी अधिकारियों की जानकारी सरकारी विभागों की वेबसाइट से ढूंढता था, इसके बाद उन्हें कॉल लगाना शुरू करता था. इस दौरान कुछ बुजुर्ग कर्मचारी आरोपी के झांसे में आ जाते थे. पुलिस पता कर रही है कि आरोपी ने अभी तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है.


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