अंता उपचुनाव 2025: रिकॉर्ड 80.25% मतदान, 14 नवंबर को आएगा नतीजा
बारां: राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर मंगलवार को हुए उपचुनाव में मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया। राज्य की इस एकमात्र सीट पर हुए पहले उपचुनाव में 80.25% मतदान दर्ज किया गया। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चला। कुल 268 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई, जहां मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जिला प्रशासन और निर्वाचन विभाग के अनुसार, मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब ईवीएम में कैद वोटों की गिनती होगी और यह तय होगा कि जीत का सेहरा किस उम्मीदवार के सिर बंधेगा।
नतीजों से पहले जान लें अंता सीट का मतदान इतिहास
अंता विधानसभा क्षेत्र का गठन वर्ष 2008 में हुआ था। पहले चुनाव में 71% वोटिंग हुई थी, जिसमें कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने जीत दर्ज की थी। वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की लहर के बीच यहां 80.1% मतदान हुआ और भाजपा के प्रभुलाल सैनी विजयी रहे।
साल 2018 में 81.1% वोटिंग दर्ज हुई, जिसमें कांग्रेस ने दोबारा बाजी मारी और प्रमोद जैन भाया विजेता बने। जबकि 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में 80.3% मतदान के साथ भाजपा के कंवरलाल मीणा ने कांग्रेस प्रत्याशी को हराया।
हालांकि, कंवरलाल मीणा को 20 साल पुराने मामले में तीन साल की सजा मिलने के बाद उनकी विधायकी रद्द कर दी गई, जिसके चलते दो साल बाद 2025 में उपचुनाव की नौबत आई।
मंगलवार को सुबह से शाम तक बढ़ता रहा उत्साह
मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शुरुआती तीन घंटों में ही 14.10% वोटिंग दर्ज की गई।
दोपहर 1 बजे तक यह प्रतिशत बढ़कर 47.40% पहुंच गया।
शाम 5 बजे तक 77.17% मतदाता वोट डाल चुके थे।
अंत में रात तक कुल 80.25% मतदान हुआ।
बता दें कि अंता विधानसभा क्षेत्र में कुल 228264 मतदाता हैं, जिनमें से 183171 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया है। अंता विधानसभा के इतिहास में यह चुनाव मतदाताओं की जागरूकता और शांतिपूर्ण मतदान के लिए यादगार बन गया है।


मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में


