झारखंड में IAS अधिकारी के बेटे के 3 जन्म प्रमाण पत्र, बीजेपी ने झारखंड सरकार पर उठाए सवाल
झारखंड के एक IAS अधिकारी के बेटे के बर्थ सर्टिफिकेट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. फर्जी शपथ पत्र और तीन जन्म प्रमाण पत्र को लेकर BJP ने सरकार की कार्य प्रणाली और IAS अधिकारी पर सवाल उठाए हैं. झारखंड सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. सरकार ने IAS अधिकारी के बेटे के एक जन्म प्रमाण पत्र को वैध और अन्य को निरस्त किया गया है. इस पूरे मामले में JMM ने कहा है कि मामला संज्ञान है, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद झारखंड में अब एक IAS अधिकारी के बेटे के 3 जन्म प्रमाण पत्र बनने को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ है. रांची नगर निगम से IAS अधिकारी राजीव रंजन के बेटे के तीन जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए. इसकी खबर से सियासी तूफान मचा हुआ है. इसे लेकर BJP के प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने प्रदेश कार्यालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरकार से तल्ख लहजे में सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा है कि, क्या झारखंड में अमीर और गरीब के लिए अलग-अलग कानून हैं.
BJP प्रवक्ता अजय शाह ने उठाए सवाल
BJP प्रवक्ता अजय ने पूछा कि, आखिर किस कानून के तहत एक IAS अधिकारी के बेटे के तीन प्रमाण पत्र बना दिए गए? BJP नेता अजय शाह ने कहा कि संविधान में आर्टिकल 14 के अंतर्गत सभी को समानता का अधिकार दिया गया है लेकिन ऐसा लगता है. झारखंड में आर्टिक्ल 14 है ही नहीं. यहां गरीब के लिए अलग और अमीर के लिए अलग-अलग कानून लागू किए गए हैं.
कौन सा प्रमाण पत्र वैध किया
झारखंड सरकार ने आधिसूचना जारी की थी जिसमें IAS अधिकारी राजीव रंजन के बेटे के एक जन्म प्रमाण पत्र को वैध माना गया जबकि अन्य को निरस्त कर दिया गया. BJP प्रवक्ता ने इसे लेकर सवाल किया कि रांची नगर निगम में तीन में से कौन से एक प्रमाण पत्र को वैध और किसे को निरस्त किया है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय एक शपथ पत्र देना अनिवार्य होता है. यदि फर्जी शपथ पत्र दिया गया है तो क्या नगर निगम ने संबंधित IAS अधिकारी के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है? साथ ही साथ यह भी सवाल पूछा है कि संबंधित IAS अधिकारी पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है?
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
IAS अधिकारी के बेटे के तीन जन्म प्रमाण पत्र बनाए जाने के मुद्दे पर झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी JMM के केन्द्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने सफाई देते हुए कहा ये मामला संज्ञान में आया है. सरकार ने इस पर संज्ञान लिया है. इसकी जांच होनी चाहिए और जांच जरूर की जाएगी. जो भी दोषी होगा उन सभी पर उचित कार्रवाई की जाएगी.


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