मझौली में बकायेदारों पर चला प्रशासन का डंडा, 8 दुकानें सील
जबलपुर। स्थानीय प्रशासन और वित्तीय अनुशासन को कड़ा करने के उद्देश्य से जबलपुर के मझौली नगर परिषद ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। नगर परिषद प्रशासन ने लंबे समय से दुकानों की बकाया प्रीमियम राशि का भुगतान न करने वाले डिफाल्टर दुकानदारों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। इसके तहत वार्ड नंबर 8 में नवनिर्मित आठ व्यावसायिक दुकानों पर परिषद की टीम ने ताला जड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित दुकानदारों को अपनी बकाया राशि जमा करने के लिए पहले कई बार लिखित चेतावनियां और पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन उनकी तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने के बाद यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं जागी दुकानदार
मझौली नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन दुकानदारों को ये नई दुकानें आवंटित की गई थीं, उन पर प्रीमियम की एक बड़ी राशि बकाया चल रही थी। परिषद ने नियमानुसार इन आवंटियों को तय समय-सीमा के भीतर अपने बकाये का निपटारा करने के लिए बार-बार कानूनी नोटिस तामील करवाए थे। प्रशासनिक आग्रह और कानूनी नोटिसों को लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद आखिरकार नगर परिषद का दस्ता पुलिस और सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुँचा। टीम ने पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में रहते हुए सभी आठ दुकानों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें सील कर दिया।
राजस्व वसूली और नियमों का पालन कराना मुख्य उद्देश्य
नगर परिषद के प्रशासनिक अमले ने इस कार्रवाई को पूरी तरह जायज ठहराते हुए स्पष्ट किया है कि यह कदम सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े सरकारी नियमों को सख्ती से लागू करने तथा निकाय के अटके हुए राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। परिषद के खजाने में समय पर राशि न आने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं, इसलिए ऐसी सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई थी। अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि जिन दुकानों पर ताले लटकाए गए हैं, उनके स्वामियों द्वारा पूरी बकाया राशि और निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही नियमानुसार दुकानों को दोबारा खोलने या आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
अन्य डिफाल्टरों को चेतावनी और मौके पर मौजूद रहा अमला
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नगर परिषद ने शहर के अन्य सभी बकायादारों और डिफाल्टरों से भी पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी तरह की कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए समय रहते अपने टैक्स और अन्य बकाया शुल्कों का भुगतान परिषद कार्यालय में जमा करा दें। इस पूरी सीलिंग की कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपेंद्र अमित बघेल, लक्ष्मी सिंह राजपूत, शोभित दुबे, अखिलेश साहू, दिलीप साहू, राहुल दुबे, लक्ष्मण सिंह ठाकुर, सुशील सैनी और आशु रैकवार समेत नगर परिषद के कई वरिष्ठ अधिकारी, राजस्व निरीक्षक और कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।


राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा


