सीवान। बिहार के सीवान जिले में बड़ी आपराधिक वारदातों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जीरादेई थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई चालीस लाख रुपये के जेवरात की सनसनीखेज लूट के मामले में फरार चल रहे एक शातिर और मुख्य आरोपी को पुलिस ने सोमवार की सुबह एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। सिसवन थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव के रहने वाले श्रीनिवास सिंह के पुत्र अंकित कुमार सिंह को पकड़ने के लिए की गई इस घेराबंदी के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इस जवाबी कार्रवाई में शातिर अपराधी के दोनों घुटनों में पुलिस की गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उसे बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है।

जामापुर आभूषण दुकान में हुई भीषण डकैती से जुड़े थे तार

इस खतरनाक अपराधी का सीधा संबंध बीते छह मई को जीरादेई के जामापुर बाजार में स्थित एक प्रतिष्ठित सोने-चांदी की दुकान में हुई भयंकर डकैती से है। इस गिरोह ने दुकान से करीब चालीस लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से न केवल स्थानीय व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश और असुरक्षा की भावना पनप रही थी, बल्कि आम जनता के बीच भी खौफ का माहौल बना हुआ था। पुलिस के लिए इस गिरोह के सरगना को पकड़ना साख का सवाल बन चुका था।

पुलिस की विशेष टीम पर दागी गोलियां और जवाबी फायर में हुआ पस्त

लूट के इस मामले को सुलझाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस कप्तान पूरण कुमार झा ने बेहद सख्त निर्देश जारी किए थे। उनके आदेश पर जिले की चार जांबाज विशेष टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पूर्व में पकड़े गए अपराधियों के कबूलनामे और तकनीकी इनपुट के आधार पर सोमवार की अलसुबह पुलिस को अंकित की सटीक लोकेशन का पता चला। जैसे ही पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे चारों तरफ से घेरा, आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय बेखौफ होकर सीधे पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। आत्मरक्षार्थ और कानून का इकबाल बुलंद रखने के लिए पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो गोलियां बदमाश के घुटनों को चीरती हुई आर-पार निकल गईं।

सीवान अस्पताल से पटना किया गया रेफर और व्यापारियों ने ली राहत की सांस

मुठभेड़ स्थल पर पस्त पड़े घायल अंकित को पुलिस ने तुरंत अपनी कस्टडी में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए सीवान के सदर अस्पताल पहुंचाया। वहाँ डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति और घुटनों की गहरी चोट को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों ने विस्तृत आधिकारिक ब्रीफिंग नहीं की है, लेकिन पर्दे के पीछे से मिली जानकारियों के अनुसार पुलिस ने पूरी तरह आत्मरक्षा के नियम के तहत यह कदम उठाया है। सीवान जैसे संवेदनशील इलाके में लगातार बढ़ रहे संगठित अपराध के बीच पुलिस की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से स्थानीय सर्राफा कारोबारियों और आम दुकानदारों ने बड़ी राहत की सांस ली है, वहीं इसे जिले के अन्य अपराधियों के लिए भी एक सीधा और कड़ा संदेश माना जा रहा है।