बदलाव के दौर में नेतृत्व की अहमियत: स्कोब्सा सम्मेलन में विवेक गंभीर के गुरुमंत्र
दिल्ली के वेलकमहोटल बाय ITC, कापसहेड़ा में 18 अप्रैल, 2026 को स्कोब्सा (SCOBSA) कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में भारत की नवाचार क्षमता, विशाल उपभोक्ता बाजार और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई।
कॉन्क्लेव की मुख्य विशेषताएं
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में स्कोब्सा अध्यक्ष नीति माकर ने उद्योग जगत की हस्तियों का स्वागत किया। सम्मेलन में बदलाव के दौर में नेतृत्व, पूंजी बाजारों का उदय और युवा बिजनेस लीडर्स की भूमिका जैसे अहम विषयों पर प्रकाश डाला गया।
प्रमुख वक्ताओं के विचार
नेतृत्व और संस्था निर्माण: लाइटस्पीड इंडिया के विवेक गंभीर और द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के आशीष धवन ने भविष्य की संस्थाओं के निर्माण पर जोर दिया।
सेक्टर ग्रोथ: लॉरियल इंडिया के असीम कौशिक ने मैन्युफैक्चरिंग और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वेलनेस और व्यवहार: इस्प्रवा रियल्टी की दर्शिनी थानावाला ने दैनिक जीवन में 'वेलनेस' और कैप्टन प्रवीण दहिया ने 'व्यावहारिक अंतर्दृष्टि' पर अपने विचार साझा किए।
शहीद सुखदेव कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर पूनम वर्मा ने संस्थागत संबोधन दिया। अंत में, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच स्कोब्सा नेटवर्क की मजबूती को सराहा गया।


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