लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 1.17 करोड़ की ठगी, हॉस्पिटल संचालक को जान से मारने की धमकी
आगरा: ताजनगरी आगरा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हॉस्पिटल संचालक से 1.17 करोड़ रुपये की ठगी की है। आरोपियों ने महाराष्ट्र के पुणे में होटल दिलाने का लालच देकर रकम ट्रांसफर कराई और जब पैसे वापस मांगे गए तो लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने थाना ट्रांस यमुना कॉलोनी में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
कालिंदी विहार के रहने वाले रविंद्र सिंह बघेल ने बीएचएमएस की पढ़ाई करने के बाद टेडी बगिया में आरबी नाम से हॉस्पिटल बनाया है। उनके बड़े भाई जरजोधन सिंह महाराष्ट्र के पुणे में हलवाई का काम करते थे। तभी उनकी मुलाकात कोल्हापुर के रमेश कोकारामजी से हुई।
दोनों साथ काम करने लगे। रिश्ते इतने बेहतर हो गए कि रविंदर सिंह रमेश को अपना बड़ा भाई मानने लगे। साल 2017 में रमेश ने मिठाई की दुकान में घाटा होने की बात बताकर 5 लाख मांगे। रविन्द्र ने भाई के खाते से 4.5 लाख रूपए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद कई बार रुपए मांगे मगर उसने नहीं लौटाए।
सस्ता होटल बिकने का दिखाया लालच
पीड़ित रविंद्र ने बताया कि वर्ष 2023 में रमेश का उसके पास फोन आया था। पुणे में एक सस्ता होटल बिकने की जानकारी दी। उसने वीडियो कॉल पर होटल की तस्वीर भी दिखाई और 2500 वर्ग मीटर का एरिया भी बताया। रमेश ने उसे बताया कि होटल का मालिक होटल बेचकर अमेरिका जाने वाला है। होटल के 3 करोड रुपए देने हैं । फिलहाल उसे एक करोड़ 10 लाख रुपए की जरूरत है।
बाद में इस होटल को 4 करोड़ रुपए का मुनाफा लेकर बेच देंगे। पीड़ित रविंद्र ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के खाते से उमेश भरत कुमार, किरण रामचंद्र फड़तरे और रमेश के खाते में 1.17 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बनाना करने के लिए लगातार टालमटोल करता रहा।
पैसे वापस मांगने पर दी धमकी
पीड़ित ने बताया कि अचानक एक दिन कहा कि होटल मालिक गायब हो गया है। जिससे पीड़ित को शक हुआ। पैसे वापसी की मांग की तो फोन पर धमकी दी गई कि पैसे मांगे तो बिश्नोई गैंग से उठवा लेंगे। धमकियों से सहमे डॉ. रविन्द्र बघेल और उनका परिवार 6 महीने तक चुप रहा।
आखिरकार हिम्मत जुटाकर उन्होंने ट्रांस यमुना थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। डीसीपी सिटी अली अब्बास का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से दी गई धमकी वाली बात की जांच की जा रही है। फिलहाल नामजद केस दर्ज कर दिया है। मामले में साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।


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