नई दिल्ली । भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) ने दूरसंचार विभाग ("प्राधिकरण") की ओर से 9 अलग-अलग पैकेजों में 16 राज्यों में 30 साल की रियायती अवधि के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से भारतनेट के विकास (निर्माण, उन्नयन, संचालन और रख-रखाव तथा उपयोग) के लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित की हैं। इस परियोजना के तहत, सरकार लागत में कम पड़ रही राशि की व्यवस्था के लिए वित्त पोषण (वायबिलिटी गैप फंडिंग) के उद्देश्य से अधिकतम 19,041 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान करेगी। यह परियोजना केरल, कर्नाटक, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में अनुमानित 3.61 लाख गांवों (ग्राम पंचायतों सहित) को शामिल करेगी। मौजूदा समय में भारतनेट ब्लॉक और ग्राम पंचायतों (जीपी) के बीच ऑप्टिकल फाइबर केबल-ओएफसी (मुख्य रूप से) बिछाकर देश की सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) को जोड़ रहा था। भारतनेट का दायरा अब देश के लगभग सभी आबादी वाले 6.43 लाख गांवों (ग्राम पंचायतों सहित) को जोड़ने के लिए बढ़ा दिया है।
परियोजना को सार्वजनिक निजी भागेदारी-पीपीपी ढांचे पर डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) रियायत के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा। भारतनेट को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने के लिए ओ एंड एम, उपयोग और राजस्व सृजन के लिए निजी क्षेत्र की क्षमता, समर्थता और दक्षता का उपयोग करने का विचार है। भारतनेट की यह परियोजना सरकार के प्रभावी वितरण के माध्यम से सामाजिक समावेशन के उद्देश्य को भी पूरा करेगी। ब्रॉडबैंड का उपयोग करने वाली योजनाओं और नागरिक केंद्रित सेवाओं, और ई-गवर्नेंस, ई-शिक्षा, टेली मेडिसिन, ई-बैंकिंग आदि को मजबूत करने के लिए भी यह परियोजना उपयोगी साबित होगी। बीबीएनएल परियोजना को पुरस्कृत करने के लिए बोली लगाने वाले के चयन के लिए एकल चरण, दो-भाग वाली निविदाओं ('योग्यता निविदा' और 'वित्तीय निविदा') के साथ एक खुली, प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का संचालन कर रहा है। प्रत्येक पैकेज के लिए निविदाएं अलग से जमा करनी होंगी।