रायगढ़-30/7/26  डॉ. मीनकेतन प्रधान- पूर्व प्राध्यापक किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय रायगढ़, संस्थापक विश्व हिन्दी अधिष्ठान न्यास द्वारा हिन्दी भाषा साहित्य के विकास विस्तार के लिए निरंतर साहित्यिक उपक्रम किये जा रहे हैं । उन्होंने बताया कि  विश्व हिन्दी अधिष्ठान, रायगढ़ की विदेश संयोजक डॉ. मौना कौशिक सोफिया विश्वविद्यालय बुल्गारिया का  विशेष व्याख्यान 24 जुलाई 2026 को सोफिया बुल्गारिया  में आयोजित एक बहुसांस्कृतिक संध्या में "कालातीत भारत: ज्ञान, परंपराएँ और सांस्कृतिक प्रभाव" विषय पर सम्पन्न हुआ । सोफिया विश्वविद्यालय के भारतीय विद्या विभाग की प्राध्यापिका तथा देवम फाउंडेशन की संस्थापक की अध्यक्ष डॉ. मौना कौशिक ने  इस कार्यक्रम का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) बुल्गारिया, मल्टी कुल्टी कलेक्टिव एवं विश्व हिन्दी अधिष्ठान की सहयोगी संस्था देवम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया । अपने व्याख्यान में उन्होंने भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक विरासत, योग, आयुर्वेद, दर्शन, साहित्य, कला तथा आधुनिक भारत की वैश्विक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए भारत को एक जीवंत और सतत् विकसित होती सभ्यता के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने भारत और बुल्गारिया के मध्य सांस्कृतिक समानताओं को रेखांकित करते हुए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद एवं मैत्री को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। व्याख्यान के उपरांत आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में भारतीय परंपराओं पर संवाद भी हुआ। इस व्याख्यान को डॉ. मीनकेतन प्रधान ने विदेशी छात्र- छात्राओं के मध्य भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसार की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्हें बधाई दी है । डॉ. मौना कौशिक विश्व हिन्दी अधिष्ठान द्वारा क्रियान्वित साहित्यिक- सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतर संलग्न रह कर भारतीय आदर्शों और जीवन मूल्यों को संवर्द्धित कर रही हैं । इस व्याख्यान के लिए डॉ. विनय कुमार पाठक, डॉ. राजेश दुबे, चिरंजीव राव ,डॉ. बेठियार सिंह साहू,डॉ. विनोद कुमार वर्मा,डॉ. रमेशचन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. सीमा रानी प्रधान,अंजनी तिवारी सुधाकर , डॉ. सौरभ सराफ, मनीष कुमार पाण्डेय,अश्विनी केगांवकर , शालिनी वर्मा, पंकज रथ शर्मा, सोनल मावतवाल श्रीवास , डॉ. विद्या प्रधान, जानकी साव , हरिशंकर गौराहा, लोचन गुप्ता , जगदीश यादव , डॉ.आशा मेहर ने बधाई दी है ।

प्रेषक-
डॉ. मीनकेतन प्रधान
पूर्व प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष - हिन्दी, किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रायगढ़ (छ.ग.)भारत 

पूर्व अध्यक्ष- हिन्दी अध्ययन मंडल, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़, 

संस्थापक 
विश्व हिन्दी अधिष्ठान रायगढ़ (छ.ग.)